छत्तीसगढ़

AI शिक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य हो, सांसद बृजमोहन अग्रवाल का संसद कमिटी में सुझाव

Shantanu Roy
12 Dec 2025 7:00 PM IST
AI शिक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य हो, सांसद बृजमोहन अग्रवाल का संसद कमिटी में सुझाव
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Raipur. रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की प्रगति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की क्षमता और उसके प्रभावी उपयोग पर निर्भर करेगी, ऐसे में AI शिक्षा को सभी छात्रों के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए। अग्रवाल ने बैठक में कहा कि वर्तमान में AI को केवल तकनीकी विषयों तक सीमित समझा जाता है, जबकि इसका उपयोग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए AI शिक्षा केवल इंजीनियरिंग, तकनीकी या कंप्यूटर विज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि चिकित्सा, कृषि, कानून, बैंकिंग, व्यवसाय, कला, सामाजिक विज्ञान और अन्य सभी विषयों में भी शामिल की जानी चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में AI एक बड़ा रोजगार क्षेत्र बनने जा रहा है, इसलिए स्कूल स्तर से ही छात्रों को AI की समझ दी जाए, ताकि वे डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ सकें। सांसद अग्रवाल ने एक और अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि AI लिटरेसी को केवल अंग्रेजी या कुछ चुनिंदा भाषाओं तक सीमित न रखा जाए। इसे देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए, ताकि देश के हर कोने का बच्चा समान अवसर पा सके। उन्होंने कहा, “भाषा किसी भी छात्र की प्रगति में बाधा नहीं बननी चाहिए। हर बच्चा अपनी मातृभाषा में AI सीख सके और विकसित भारत के सपने का भागीदार बन सके।”

इस दौरान उन्होंने मल्टी-डायमेंशनल शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया, जिसमें AI के साथ-साथ नैतिकता, सुरक्षा, साइबर अवेयरनेस और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को भी शामिल किया जाए। उनका कहना था कि AI शिक्षा सिर्फ तकनीक सीखने भर का विषय नहीं, बल्कि इसे जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की समझ भी जरूरी है। सांसद अग्रवाल के इस सुझाव को कमिटी के सदस्यों ने महत्वपूर्ण और भविष्य उन्मुख बताया। उनका मानना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और भारत वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व की दिशा में और मजबूत होकर आगे बढ़ेगा। अग्रवाल ने यह भी कहा कि सरकार और शिक्षा संस्थान मिलकर ऐसा ढांचा तैयार करें, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों में AI शिक्षा को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
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